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Q.

दो भाइयों में जमीन का बंटवारा कैसे करें?

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5 2023-04-17T12:27:49+00:00
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संपत्ती दो प्रकार की होती है, एक पैतृक संपत्ति और दूसरी खुद के मेहनत से खरीदी हुई। दोनों के अधिकार के नियम और व्यवहार के नियम अलग-अलग है; फिर वो जमीन हो, खेती हो या मकान। तो चलिए जानते है ‘दो भाइयों में जमीन का बंटवारा कैसे करें’ इसके बारें में। ये प्रक्रिया कैसे सम्पन्न होती है, अगर विवाद हो तो उसे कैसे सुलझाया जाता है, इसके लिए आवेदन किसे करना चाहिए आदी जानकारी लेते है।

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जमीन का बंटवारा का नियम :

  •  

    सहमति बटवारा : इस बटवारे की कोई लंबी प्रोसेस नहीं होती बस जिन भाइयों में ये बटवारा होनेवाला है उनके मौजूदगी में सभी के सहमति से ये बटवारा प्रक्रिया सम्पन्न होती है।

  • पंचायत बटवारा : ये बटवारे पंचायत के समक्ष होता है अगर सहमति बटवारे में चर्चा करके भाई सहमति नहीं दिखा रहे है तो सरपंच और सभी पंचों के विचारविनिमय से बटवारे का फैसला सुनाया जाता है।

  •  

    रेजिस्ट्री बटवारा : इस बटवारे में कानूनी नियमों के अंतर्गत सभी स्टेप्स फॉलो करके फैसला होता है; जैसे इसके लिए आपको रेजिस्ट्री ऑफिस में एप्लीकेशन देना होता है फिर सरकारी अधिकारियों से जमीन की चेकिंग होती है। इस प्रक्रिया में समय ज्यादा लग सकता है पर ये रेजिस्ट्री बटवारा प्रॉपर्टी बटवारे की एक मजबूत प्रक्रिया मानी जाती है।

  • ‘विवादित जमीन का बंटवारा कैसे करें’ इस सवाल से परेशान है तो इसका फैसला ज्यादातर तहसील स्तर पे या फिर न्यायालय में सुनाया जाता है। उसके लिए आपको तहसील कार्यालय में आवेदनपत्र देना होगा।  

  •  

    भाइयों के बीच संपत्ति बंटवारे के वक्त जो भी संबंधित प्रॉपर्टी पर कर्ज होगा उसे चुकाने की भी सहमति दर्शानी होगी।

मकान का बंटवारा कैसे होता है :

अगर मकान माता-पिता के नाम पर है तो उनके बाद दोनों भाइयों को उस मकान के समान हिस्से मिलेंगे। जमीन माता-पिता के नामपर हो और उसपर मकान किसी एक भाई ने बनाया हो तो जमीन का जो भी हिस्सा बनता है वो आपसी चर्चा से दूसरे भाई को दिया जाए। दो भाई आपसी सहमति से इस प्रश्न का हल निकाल सकते है इससे विवाद की संभावना कम हो जाती है।

तो आशा है की ‘दो भाइयों में जमीन का बंटवारा’ जमीन बटवारा नियमों के आधार पर कैसे किया जाता है इससे संबंधित जानकारी आपको प्राप्त हो गई होगी।  

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0 2026-02-03T08:30:51+00:00

जमीन या मकान का बंटवारा आपसी सहमति (Family Settlement/Mutual Partition) से किया जा सकता है। यह बंटवारा औपचारिक तरीके से भी किया जा सकता है, जिसमें रजिस्टर्ड पार्टिशन डीड और रिकॉर्ड म्यूटेशन शामिल होते हैं। भविष्य में किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए स्पष्ट दस्तावेज़ और रजिस्ट्रेशन बेहद ज़रूरी हैं। नीचे पूरी प्रक्रिया मकान का बंटवारा कैसे होता है विस्तार से दी गई है।

दो भाइयों में जमीन का बंटवारा UP में कैसे करें?

  • पहले यह तय करें कि संपत्ति पैतृक है या स्व-अर्जित|
    • पैतृक संपत्ति

      : इसका बंटवारा उत्तराधिकार कानूनों के अनुसार किया जाता है।

    • स्व-अर्जित संपत्ति

      : इसे तभी बांटा जा सकता है जब मालिक की सहमति हो या उसने वैध वसीयत छोड़ी हो।

  • बंटवारे का तरीका चुनें|
    • पार्टिशन डीड (आपसी सहमति से)

      : सबसे बेहतर तरीका, जब दोनों भाई सहमत हों। इसमें हिस्से, सीमाएं और स्वामित्व स्पष्ट होता है।

    • फैमिली सेटलमेंट डीड

      : परिवारों में आम प्रचलन; भविष्य के दावों और विवादों से बचाती है।

    • कोर्ट के माध्यम से बंटवारा

      : जब सहमति न बने। यह प्रक्रिया समय लेने वाली और महंगी होती है।

  • पार्टिशन डीड तैयार करें|

    एक लिखित और स्पष्ट पार्टिशन डीड बनवाएं, जिसमें हर भाई का हिस्सा, सीमाएं (बाउंड्री) और रास्ता/एक्सेस अधिकार साफ़-साफ़ दर्ज हों।

  • स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन:

    UP के नियमों के अनुसार आवश्यक स्टाम्प ड्यूटी अदा करें और स्थानीय सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में डीड का रजिस्ट्रेशन कराएं।

  • भूमि रिकॉर्ड का म्यूटेशन:

    म्यूटेशन के लिए आवेदन करें ताकि राजस्व रिकॉर्ड में दोनों भाइयों के नाम अलग-अलग दर्ज हो सकें।

  • भौतिक सीमांकन (डिमार्केशन):

    भविष्य की समस्याओं से बचने के लिए राजस्व विभाग से नाप-जोख कराकर जमीन/मकान के हिस्सों का स्पष्ट सीमांकन कराएं।

भारत में भाई-बहनों के बीच संपत्ति विवाद सबसे आम भूमि-संबंधी कोर्ट केसों में से हैं। इसलिए हमेशा प्रॉपर्टी वकील और सर्वेयर दोनों को साथ में शामिल करें।

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